“मेरा देश मेरा घर” यह कहने सुनने के लिए बहुत सरल है, लेकिन बात जब इसे जीने की हो तो हर व्यक्ति का उत्तर अलग अलग है, “मेरा देश मेरा घर” हर व्यक्ति यह विचार जीना चाहता है लेकिन, क्या यह जीना सच हो सकता है ? अगर हम पीछे मुड़कर देखे तो मेरा देश मेरा घर इस विचार को जीने वाले महापुरुष इतिहास के विश्व के पटल पर माँ भारती के लाल मिलेंगे, जैसे मर्यादा पुरुषोत्तम राम इन्होंने ने अपने राम राज्य में “मेरा देश मेरा घर” इस विचार को अपने प्रजा तक पहुचाया है, या भगवान श्रीकृष्ण हो या हमारे संत महात्मा हो सभी ने हमे “मेरा देश मेरा घर” इस संकल्पना को जीने के लिये हमे प्रेरणा दी है
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